Sanchar Now। गौतम बुध नगर में आंदोलनरत किसानों का संगठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला। किसानो के मुद्दों पर 45 मिनट तक गहनता से गंभीर चर्चा की गई और उसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने कहां की मुख्यमंत्री ने किसानों की मांगों को हल करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान किसान नेताओं ने किसानों के 10% आवासीय भूखंड, बढ़ा हुआ मुआवजा और नए भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करने की मांग की है।
दरअसल, गौतम बुध नगर के किसान लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। बीते दिनों किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था हालांकि अब जेल से सभी किसान रिहा हो गए हैं। किसान नेताओं ने अधिकारियों से भी अपनी मांगों को पूरा करने की मांग की। उसके बाद अब किसान नेताओं के एक प्रतिनिधि लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। किसान नेताओं ने मुलाकात को सकारात्मक बताया और कहा कि जल्द ही मांगों को पूरा करने का आश्वासन मिला है। भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष रूपेश वर्मा और किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान के साथ राष्ट्रीय लोक दल के विधायक राजपाल बालियां सहित प्रीतिनिधि मंडल के रूप में आंदोलन रत किसानों के मुद्दों पर चर्चा की।
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भारतीय किसान यूनियन, अखिल भारतीय किसान सभा और किसान एकता संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने किसानों के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। किसानों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गौतम बुद्ध नगर के किसानों के मुद्दों को लेकर गंभीर है। 45 मिनट तक किसानों और मुख्यमंत्री के बीच सभी मुद्दों पर चर्चा की गई। चर्चा के निष्कर्ष में मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए किसानों के हर मुद्दों को हल करने का आश्वासन दिया गया है। भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 10% के मुद्दे पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद किसान नेता रुपेश वर्मा ने बताया कि नए कानून के बारे में एक ऐसी लैंड पूलिंग नीति के संबंध में जल्द ही फैसला लेने का आश्वासन दिया गया है जिससे किसानों को लैंड पूलिंग के तहत विकसित प्लाट मिलेगा वही सर्किल रेट का रिवीजन होकर बाजार भाव भूमि की खरीद हो सकेगी। इस तरह की नीति आने से किसान विकास की प्रक्रिया में हिस्सेदारी हो सकेगा और अनियोजित विकास पर लगाम लग सकेगी।
इसके साथ ही किसान नेता सोरन प्रधान ने बताया कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि लंबित मुद्दों के संबंध में वह किसानों के लगातार संपर्क में रहेंगे प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि आपके स्तर पर हमारा संवाद नहीं रहने से एवं शासन स्तर पर प्राधिकरण द्वारा भेजी गई। पत्रावलियों के समय पर अनुमोदित नहीं होने पर जारी नहीं करने से मुद्दे लगातार लंबित है इसके साथ उन्होंने कहा कि हमने सभी लंबित मुद्दों की पत्रावलियों के कारण किसानों के पांच प्रतिशत, 6% प्लाटों को नियोजित करने में देरी होने को जल्द नियोजित करने के संबंधी निर्देश दिए। आबादी प्रकरणों में 450 वर्ग मीटर की 10 को 1000 करने के लिए नियमावली में परिवर्तन किया जाएगा 6040 प्लाटों को अतिक्रमण के दायरे से बाहर कर पांच प्रतिशत के प्लाट दिए जाएंगे एसआईटी जांच के संबंध में शासनादेश एवं अन्य मुद्दों पर भी आवश्यकता अनुसार किसानों के पक्ष में शासन स्तर से जल्दी कार्रवाई की जाएगी।