शिल्पी मर्डर केस में नोएडा पुलिस ने लगाई चार्जशीट, बच्चे और दो दोस्त समेत 27 लोगों को बनाया गवाह

दिल्ली से सटे नोएडा में दो महीने पहले हुए शिल्पी हत्याकांड मामले में पुलिस ने 150 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी। इस चार्जशीट में 27 लोगों को गवाह बनाया गया है, जिसमें उसका बच्चा भी शामिल है। साथ ही आरोपी के दो दोस्तों ने भी शिल्पी की हत्या के मामले में पुलिस को गवाही दी है। आरोपी ने हत्या के बाद अपने अपराध को स्वींकार करते हुए दोस्तों को बताया था।

पति और चार साल के बच्चे के साथ रहती थी शिल्पी

उत्तर प्रदेश के जिला कन्नौज के गुरुसायगंज जिले की निवासी शिल्पी अपने पति अजय तिवारी और चार साल के छोटे बेटे के साथ नोएडा के सेक्टर 63 थाना क्षेत्र के छिजारसी गांव में किराए के मकान में रहती थी। अजय मजदूरी का काम करता था और बड़ा बेटा कन्नौज में दादा-दादी के पास रहता है। 13 नवंबर की सुबह अजय अपने घर से काम के लिए निकला था। घर पर पत्नी शिल्पी, उसका दोस्त प्रदीप और चार साल का बेटा था। देर शाम को मकान मालिक कुलदीप शर्मा ने नोएडा पुलिस को फोन पर सूचना दी कि शिल्पी का शव उसके कमरे में पड़ा हुआ है। जब अजय घर लौटा, तो उसने बताया कि शिल्पी के साथ घर में प्रदीप नाम का युवक भी था। पुलिस ने चंद घंटों बाद प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया।

चार साल के बच्चे के सामने मां को उतारा मौत के घाट

प्रदीप ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वो एक कैब चालक है और शादीशुदा भी है। उसका 18 साल का बेटा और 11 साल की बेटी है। तीन साल पहले उसकी मुलाकात शिल्पी से हुई और धीरे-धीरे प्यार हो गया। वो शिल्पी से पति अजय और बच्चों को छोड़कर साथ रहने के लिए कहता था।लेकिन, शिल्पी नहीं मानी। 13 नवंबर की शाम दोनों में झगड़ा हुआ और हाथापाई के बाद उसने शिल्पी का गला दबाकर हत्या कर दी और वहां से फरार हो गया। प्रदीप ने जब शिल्पी का गला दबाया, उस समय शिल्पी का चार साल का बेटा भी वहीं था।

आरोपी के दोस्तों ने भी दी गवाही

काउंसलिंग के दौरान बच्चे ने रोते हुए आंखों देखी घटना पुलिस को बताई थी। पुलिस ने प्रदीप के दो दोस्तों को भी गवाह बनाया है। प्रदीप ने शिल्पी की हत्या की और फिर वो इन्हीं दोस्तों के पास गया था। उसने इन दोस्तों को सारी बात बताई थी। पुलिस ने मकान मालिक और पड़ोसियों को भी गवाह बनाया है। प्रत्यक्षदर्शी चार साल के बच्चे समेत 27 लोगों को गवाह बनाया गया है।

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