कानपुर, किसी अपने की जान बचाने के लिए रक्तदान की बात सामने आते ही अक्सर लोग हिचकने लगते हैं। लोगों में भ्रांति रहती है कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आ जाएगी लेकिन शायद आप नहीं जानते हैं, इससे नुकसान नहीं बल्कि शरीर को कई फायदे हो सकते हैं। रक्तदान करने से कैंसर, हृदय रोग जैसी कई गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है, वहीं फिट रहने के लिए जिम जाने का भी खर्च बचता है। आइए, शहर के जिला अस्पताल में ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एससी वर्मा की जुबानी जानने का प्रयास करते हैं कि रक्तदान किस तरह हमारे लिए फायदेमंद हो सकता है।

स्वस्थ्य शरीर में होता 5.5 लीटर खून

डॉ. एससी वर्मा बताते हैं कि एक स्वस्थ शरीर में 5.5 से छह लीटर रक्त होता है। इसमें 500 एमएल खून लिवर में रिजर्व रहता है, जो कहीं चोट लगने या फिर हादसे के समय खून निकलने पर उसे पूरा करता है। रक्तदान के समय लिया गया 350 एमएल रक्त इसी रिजर्व ब्लड से पूरा हो जाता है। ऐसे में शरीर में जरूरत का खून पूरा ही रहता है, इस वजह से कमजोरी होने का प्रश्न ही नहीं उठता है।

रक्तदान करने से नहीं होती बीमारियां

डॉ. वर्मा कहते हैं कि रक्तदान करने से कई गंभीर बीमारियों से बचाव होता है। शरीर से जब पुराना खून धमनियों में संचारित हो रहा होता है तो रोग प्रतिरोधक हजारों-लाखों सेल्स सुशुप्त अवस्था में निष्क्रिय हो जाते हैं। रक्तदान करने के बाद पुराना खून निकल जाता है और तत्काल नया खून बनने लगता है। ऐसे में ये सभी सेल्स क्रियाशील हो जाते हैं और बीमारियों से लडऩे की क्षमता बढ़ जाती है। यदि ब्लड में किसी बीमारी के लक्षण पैदा होते हैं तो क्रियाशील ये सेल्स उन्हें पहले खत्म कर देते हैं।

नया खून बनने से हृदय पर भी जोर नहीं पड़ता है। वह बताते हैं कि रक्तदान से ब्लड पे्रशर भी नियंत्रित रहता, कैंसर और हृदय संबंधी रोग होने का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा समय समय पर रक्तदान करने वाला व्यक्ति कभी डिप्रेशन का शिकार नहीं हो सकता है। दिमाग में नया खून प्रवाहित होने से नई उर्जा का संचार रहता है और व्यक्ति में हमेशा सकारात्मकता बनी रहती है। रक्तदान से मानसिक तनाव न होने और शारीरिक क्रिया ठीक रहने के कारण डायबिटीज जैसी बीमारी नहीं होती है।

अक्सर लोग खुद को फिट रखने और मोटापा कम करने के लिए जिम जाते हैं। इसके साथ ही हजारों रुपये खर्च करके घर में भी उपकरण लगाते हैं। डॉ. वर्मा की मानें तो रक्तदान से जिम का खर्च भी बचाया जा सकता है। वह बताते हैं कि एक बार रक्तदान से पांच सौ कैलोरी कम किए जा सकते हैं। शरीर की इतनी कैलोरी बर्न करने के लिए जिम में कई दिन तक कसरत करनी पड़ सकती है। इसलिए यदि वर्ष में कम से कम तीन बार रक्तदान करते हैं तो पूरे समय फिट रह सकते हैं और जिम भी जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

कौन और कब कर सकता रक्तदान

डॉ. वर्मा बताते हैं कि रक्तदान से किसी तरह की शारीरिक कमजोरी नहीं होती है। एक यूनिट में सिर्फ 350 एमएल खून निकाला जाता है। 18 से 65 वर्ष की आयु तक रक्तदान किया जा सकता है, बशर्ते रक्तदाता का हीमोग्लोबिन 12.5 से अधिक हो। इसमें पुरुष हर तीन महीने के बाद और महिलाएं चार महीने के बाद रक्तदान कर सकती हैं। गर्भावस्था के समय महिलाएं, हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह और टीबी से पीडि़त और अनीमिक व्यक्ति रक्तदान नहीं कर सकते हैं।

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